मेरा पक्ष
नीरज कुमार झा
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शनिवार, 28 सितंबर 2024
साहित्य और संपत्ति
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साहित्य का ध्येय संपत्ति हो, विपत्ति नहीं। निर्धनता सांस्कृतिक उन्नयन के मार्ग में सबसे बड़ा अवरोध है। जैसे संपत्ति और संस्कृति अभिन्न हैं, व...
मंगलवार, 24 सितंबर 2024
Good or Grand
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We do not long for good, but for better. Better is possible only amidst the goodness of the ecosystem. In a bad social setup good cannot hap...
Expressiveness of Meaninglessness
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Meaningless expressions receive maximum applause. Expressers do this for this reason only hardly knowing that people cherish the unavoidable...
सच्चाई का मोल
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सच्चे आदमियों को सच बोलना चाहिए। सच की कीमत बनाए रखने के लिए यह बहुत जरूरी है। नीरज कुमार झा
रविवार, 22 सितंबर 2024
बुद्धि
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प्रखर बुद्धि हेतु प्रार्थना और निरंतर प्रयास धर्म है। बुद्धि भिन्नता में एकत्व की अनुभूति का हेतु है और इसकी प्रवृत्ति परमार्थ है। धर्म ऐहिक...
बुधवार, 18 सितंबर 2024
जिंदगी की कहानी
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न बचपना, न जवानी, सीधे बुढ़ौती है आम जिंदगी की बस यही कहानी है नीरज कुमार झा
काश!
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काश, सिद्धांतकार होता सारी दुनिया को विचारों की पोटली में समेट कर हवाओं पर सवार रहता नहीं तो, कवि ही होता रच शब्दों का चमत्कारी विन्यास म...
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