पृष्ठ

▼

मंगलवार, 28 अप्रैल 2020

बहुत सारे हैं,

बहुत सारे हैं,
डाल को सही जगह बैठकर काटते हैं.
गिरते हैं,
पूँजीवाद को कारण बताते हैं.

नीरज कुमार झा

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें