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मंगलवार, 16 अप्रैल 2024

होना

जो कहता है,
वह स्वयं के होने का अहसास करता है। 
जो सुनता है,
वह दूसरों के होने का ज्ञान रखता है। 

नीरज कुमार झा 

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