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नीरज कुमार झा
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तुम ही ज्ञान हो तुम ही अंधकार हो (कविता)
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तुम ही ज्ञान हो तुम ही अंधकार हो (कविता)
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शुक्रवार, 20 मार्च 2015
तुम ही ज्ञान हो तुम ही अंधकार हो
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कोई इतना भी बड़ा नहीं हो सकता कि तुमसे बड़ा हो जाए कोई इतना भी छोटा नहीं हो सकता कि तुमसे छोटा हो जाए तुम नहीं जानते कि तुम क्या हो तुम...
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