मेरा पक्ष
नीरज कुमार झा
पृष्ठ
(यहां ले जाएं ...)
मुखपृष्ठ
▼
बिना सिर-पैर की कुछ बेतरतीब पंक्तियाँ
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
बिना सिर-पैर की कुछ बेतरतीब पंक्तियाँ
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
शुक्रवार, 23 जुलाई 2010
बिना सिर-पैर की कुछ बेतरतीब पंक्तियाँ
›
(१) कब्ज़ा हो चुका हर तरफ़ तमाशाइयों का तमाशा बना दिया उन्होंने पूरी दुनियाँ का (२) हम ही तमाशा हम ही तमाशबीन ...
2 टिप्पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें