Ignorance is not about speechlessness or inaction. Rather, it is about disproportionate verbosity, discourses, and activism.
Niraj Kumar Jhaबुधवार, 31 जुलाई 2024
Ignorance
Crises: Moral or Intellectual?
It is the strangest thing but so prevalent. People find a later appearing thing as a cause for a long-prevailing problem. For instance, earlier they blamed books and films for moral turpitudes. Now they have got internet and mobile.
Niraj Kumar Jha
Niraj Kumar Jha
वामपंथ के इतिहास से सीख
हालाँकि यह किसी भी क्रांतियोजना के लिए सही है, जैसा कि वामपंथ के साथ था। वे पंथ की विफलता का कारण रास्ते पर सही ढंग से नहीं चलना बताते थे। उनके अनुसार उनकी योजना पूर्णतया त्रुटिहीन और वैज्ञानिक थी और उसकी क्रियाशील स्थिति के संकट लोगों में व्याप्त अनैतिकता के कारण थी। इसे स्वयं वे वामवाद कहते थे, और उनके लिए इसका उपचार लोगों के साथ क्रूरता थी। प्रश्न यह है कि उन्होंने मानवों की मानसिकता, जो किसी मानवीय व्यवस्था का आधार है, को सही तरीके से दृष्टिगत क्यों नहीं किया? यह निश्चित रूप से उनके दावे के विपरीत उनकी योजना में वैज्ञानिकता का अभाव था।
बुद्धिमत्ता इसी में है कि जीने को निष्कंटक और सहज बनाने के लिए प्रयास होते रहने चाहिए। इसीसे सकारात्मक परिवर्तन आता है। आमूलचूल बदलाव के द्वारा समस्याओं का पूर्णरूपेण निदान एक भुलावा है, जो ऐतिहासिक विवरणों से स्पष्ट है कि उनमें से कई भारी आपदाकारी रहे हैं। यह अलग तथ्य है कि इतिहासकार उन सभी घटनाक्रमों का महिमामंडन करते हैं। जो चल रहा है, उसमें कैसे सुधार हो? इसके लिए बिना किसी के जीवन में विघ्न डाले विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के माध्यम से ज्यादा प्रभावकारी परिवर्तन लाये जा सकते हैं।
नीरज कुमार झा
बुद्धिमत्ता इसी में है कि जीने को निष्कंटक और सहज बनाने के लिए प्रयास होते रहने चाहिए। इसीसे सकारात्मक परिवर्तन आता है। आमूलचूल बदलाव के द्वारा समस्याओं का पूर्णरूपेण निदान एक भुलावा है, जो ऐतिहासिक विवरणों से स्पष्ट है कि उनमें से कई भारी आपदाकारी रहे हैं। यह अलग तथ्य है कि इतिहासकार उन सभी घटनाक्रमों का महिमामंडन करते हैं। जो चल रहा है, उसमें कैसे सुधार हो? इसके लिए बिना किसी के जीवन में विघ्न डाले विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के माध्यम से ज्यादा प्रभावकारी परिवर्तन लाये जा सकते हैं।
नीरज कुमार झा
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मंगलवार, 30 जुलाई 2024
आभासी आपण
जीने के लिए संघर्ष करते लोग
सबसे बड़े बाजार हैं
फ़साने-तमाशों के
वे खरीदते हैं
खून-पसीने की कमाई से
आभासी उपलब्धियाँ और गौरव
उनका अपना कुछ नहीं होता
देखते सपने भी किराए से
नीरज कुमार झा
रविवार, 28 जुलाई 2024
International Competitiveness
National power, wealth, and prestige form a composite, which, by and large, leads to general wellness. The composite is not a standalone phenomenon, but only a relative one internationally. It is the edge over the rest, that matters. Public intellectuals must identify and spread awareness about the policies and practices which boost national competitiveness. The base of such a competitive state is our share in the global GDP par with the percentage of our numbers in the world population, which are 7.86 (PPP) and 17.76 respectively. The gap must be covered as fast as possible.
Niraj Kumar Jha
Niraj Kumar Jha
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Niraj Kumar Jha
मंगलवार, 23 जुलाई 2024
सदेह कर्म
डगमगाते कदम जब
विश्वास हो जाता क्षीण
साधारण सा ही
अपना किया कुछ अच्छा
आ जाता है देने सहारा
आस्था कराती करम अच्छे
वे रहते सदेह हमेशा साथ
नीरज कुमार झा
विश्वास हो जाता क्षीण
साधारण सा ही
अपना किया कुछ अच्छा
आ जाता है देने सहारा
आस्था कराती करम अच्छे
वे रहते सदेह हमेशा साथ
नीरज कुमार झा
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Niraj Kumar Jha
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