विवेक से सतत परीक्षित
धर्म वही है
सत्यान्वेषक
सत्यानुरागी
सत्यानुयायी
संवेदना से पूर्ण
स्वतंत्र चेतना से युक्त
जीव-अजीव के प्रति श्रद्धावनत
धर्मप्राण वही है
नकारात्मकता चिह्नित करने को उद्यत
न्याय का पक्षधर
दुर्जनों के प्रतिकार को सन्नद्ध
जो सज्जनहितैषी है
धार्मिक वही है
अंधकार के विरूद्ध अभियान है धर्म
अंधत्व से त्राण है धर्म
जिसकी दृष्टि निर्दोष
मस्तिष्क सजग निष्कलुष
धर्ममार्ग यात्री वही है
धर्मानुरूप हों
आस्था के वचन
उपासना की पद्धतियाँ
भारत का संदेश यही है
नीरज कुमार झा
Nice Post.
जवाब देंहटाएंlucky car colour according to rashi