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मंगलवार, 28 अप्रैल 2026

सच की नियति

संघर्ष ही सच की नियति,
नहीं कभी रहा उसका ठाठ।
करुणा व प्रीत प्रकृति उसकी,
कैसे फैलाए वह जाल?

नीरज कुमार झा

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