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रविवार, 2 अप्रैल 2023

ज्ञानमीमांसा की सबसे बड़ी चुनौती

विद्याओं  में महत्वपूर्ण अपनी  तंत्रिका-कोशिकाओं के संदेशों का पारिस्थितिकीय पाठ, और उसके क्यों और कैसे को व्यक्त करने हेतु विपुल-शब्द भंडार का संग्रह है। जरूरी है यह समझ कि अपनी ही पीड़ा-हर्ष, भय-उल्लास, तथा द्वेष-अनुराग की  वस्तुनिष्ठ समझ व्यक्ति की  ज्ञान-मीमांसा की सबसे बड़े चुनौती है।  

नीरज कुमार झा 

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